प्रेम को रंग लाल

@sakshipal95811

@goldenmoonspoetry

गगन से बरसे गुलाल,
माधव प्रेम को रंग लाल।
नयनों के घराने में,
बसे ब्रज को लाल,
माधव प्रेम को रंग लाल।
ह्रदय आनंदित अंग पुलकित,
मन में बजे मृदंग ताल,
माधव प्रेम को रंग लाल।
जो रंग तुम सा सच्चा हो,
तुम्हारी मेरी प्रीत सा हो,
उसी रंग रंगू मैं अपनो गाल,
माधव प्रेम का रंग लाल।
तुम नटखट से अजीब प्रेमी,
नैनों से करते तीखे वार,
माधव प्रेम का रंग लाल।
भीगी धरती भीगी चूनर,
मैं भीगी रंग हरी को लाल,
माधव प्रेम का रंग लाल,
तुम्हारे मेरे प्रेम का रंग लाल।