रिश्तों के कारोबार में……!!!!

रिश्तों के कारोबार में
अक्सर हार जाती हूं मैं,
सौदे भी तो कमजर्फ से हैं,
समझ नहीं आता,
अपनों के गलियारों में,
कौन अपना कौन गैर,
बस इसी हिसाब में,
हरदफा हार जाती हूं मैं,
रिश्तों के कारोबार में।
©Dr. Sakshi Pal

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45 thoughts on “रिश्तों के कारोबार में……!!!!

  1. बहुत कान फ्यूज़न है दोस्त जिंदगी में 😇😭😭
    पर क्या है न हम इमिंदार रहे … मेरे अधिकतर दोस्त इसलिए दूर रहते क्योकि हम उनकी कमिया बता देते अच्छाई तो बहुत उनमे ☺
    Never ignore the bad in someone just to keep them in your life …

    Nice 👌

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      1. Yess😘
        परवाह जो करते मेडिकल कॉलेज में है …
        Jinhno परवाह न की एक कमरे में बंद रह गए सालों साल ☺

        आप UP में कहा से हो दोस्त? एक hospital खोला जाएगा partnership में फ्यूचर में … लोगों को बेहतर इलाज़ देंगे …महंगे दामों में इलाज़😭😭😍😍

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      2. ओके 😊
        कोरोना से बच पाये तो …
        सुब्बी को director बना देंगे …हम आप manager ….बाकी सब मरीज़ 😭😭😂😂

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      3. 😂😂😂😭😭😭 भागलपुर याद है

        मस्ती तो हम बहुत करता दोस्त
        इस साल पापा के बीमारी के कारण थोड़ा कमजोर पड़ गया ….वरना हस्ते हँसते तुम्हारा मुँह दुखता दोस्त 🙂

        एक दिन सब बढ़िया होगा …❤

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      4. अपुन प्रयागराज के है ..तुम दावत खाने आआगे प्रयागराज …हम तुमको फेसबुक में add करेगा id बनाते ही

        सब याद है 😊❤✨🙌

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      5. हमें पूरा याकीन वोह दिन आएगा …हम दोनों का प्रेम सिर्फ़ कागज़ कविताओं तक सीमित नहीं रहेगा ….तुम आना हम बुलाएगा दावत पर ❤😊

        अभी तो वो पढाई कर रही.. अच्छी लड़की बोहोत प्यारी cute मेरी तरह😀🙈❤

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  2. बहुत बढ़िया। खूबसूरत अभिव्यक्ति।👌👌

    हर रिस्तों से ऊपर माना,
    मन मंदिर का मूरत माना,
    जिनको माना रब वे तिल-तिल हमें रुलाते प्यार में,
    वे जीते हम हार गए,रिस्तों के कारोबार में।

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  3. Dear friend nominated you for this mystery blogger award …if you wish you can also participate and waste your time like I did😂🙈❤✨

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  4. बेहद खूबसूरत पंक्तियाँ है

    वैसे सुना है न
    रिस्तों के कारोबार में
    चेहरे बहुत बिकते है
    माल मिलने तक, मुस्कान वाले
    और मिलने के बाद , धोखे वाले
    😅😅😅😅😅😅😅

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