क्या गजब का साथ देते हो तुम……!!!!

क्या गजब का साथ देते हो तुम
आ ही जाते हो गरज के
नमकीन पानी को उदासीन करने
मेरे दर्द को सहारा देने
बरस के छुपा ही लेते हो
इस दर्द को तुम
या यूं कहूं हमदर्द बन जाते हो
खैर जो भी है
क्या गजब का साथ देते हो तुम
©Dr. Sakshi Pal

Author:

be the part of the present

28 thoughts on “क्या गजब का साथ देते हो तुम……!!!!

  1. बहुत खूब। दर्द ही दर्द।बेहतरीन।

    तुम भी रोते हम भी रोते
    किसे खबर हम क्यों हैं रोते,
    तुम रोते किस इंतजार में,
    हम तो तुझको देख के रोते।

    Liked by 6 people

  2. अरी ओ पगली
    तुझे कुछ गलतफहमी है कि
    मैं तुझे याद कर रोता हूँ
    हाँ ये बात सच है कि
    जब भी मैं खुद के लिए वक्त निकालता हूँ
    मेरी आँखों से खुद-ब-खुद
    नमकीन पानी निकल ही आते हैं

    Liked by 5 people

      1. एक दम वीरबल बन गए। हाजिर जवाबी।

        मोती तो बिकते हैं,
        आंखों से छलकते मोतियों के खरीदार कहाँ।

        Liked by 3 people

  3. बहुत सुंदर दोस्त👌👌

    ये एक तरह से जंग लड़ने जैसा है
    कविताएं लिखना
    कोई इश्क़ से लड़ता है
    कोई इश्क़ में लड़ता है
    कोई इश्क़ के लिए लड़ता है
    ये विद्रोह भी कराती है
    प्रेमियों के बीच
    और मिलन भी !!

    Liked by 1 person

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s