दुनिया का नजरिया

कहते हैं दुनिया को जैसी देखो वैसी नजर अाती है
हर कोई अपने में खुश नजर आता है
मैने भी देखा एक मासूमियत से , खुशी से
फिर भी ना जाने क्यों उखड़ी उखड़ी सी नजर आती है
कड़वाहट रखते है लोग बेवजह
सुना हैं आइना हमारी आंखे है हमारे मन का
पर मन मेरा साफ होने पर भी लोगो में क्यों कड़वाहट हैं,
मुंह फेरते है हमारे अपने जो कभी हमारे पास थे
कभी हंसी और कभी शाम की जान थे
दुनिया में कुछ अच्छे कुछ बुरे सभी अनुभवों को मिला कर देखा मैने ,
इतना तो नहीं पर जितना भी सीखा मैने !
बस यही,
दुनिया को जैसे देखो वो वैसी ही दिखती है
पर जरूरी नहीं तुम् में सच्चाई और अच्छाई है तो दुनिया मे भी हो।
तो कहती हूं मै दुनिया सिर्फ ज़रूरत के साथ ही हमें जानती और वैसी दिखती है।

साक्षी पाल 😊🌺

Author:

be the part of the present

9 thoughts on “दुनिया का नजरिया

  1. I must thank you for the efforts you’ve put in writing this site.
    I am hoping to view the same high-grade blog posts from
    you in the future as well. In fact, your creative writing abilities has
    motivated me to get my own blog now 😉

    Liked by 2 people

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s