बारिश का एहसास💕🌧️⛈️

#goldenmoons poetry

मैं भीगना चाहती हूं,
बारिश में..
बारिश के उस हर एहसास में,
जो मेरे मन को छू जाते हैं,
मैं भर जाना चाहती हूं,
उन तुम्हारी तीखी बूंदों से,
जो सूखी जमीन को भीगा देती हैं,
मैं भीगना चाहती हूं,
बारिश में…
उस हर मनमोहक मुस्कान से,
मैं फिर रूबरू होना चाहती हूं,
जो सिर्फ तुम दे जाती हो,
मैं देखना चाहती हूं,
तुम्हारे और बदल की गरज की,
वो बेधड़क सी ताल से,
प्रेम के जलपात में,
हां यही प्रेम,
मैं भीगना चाहती हूं,
बारिश में।

Originally written By ©Dr. Sakshi Pal

A silent love💕

WhatsApp Image 2020-07-10 at 12.21.44 PM

She is just like a child
And he is just like a real man
She is just like a naughty girl
He is just like her naughtiness
On the street they both are walking
He beholds her with his loving eyes
He thinks that he doesn’t know what love is
So how can he express this to her
But,
He wants to do all care for her
He wants to each and every minute
Makes more special and
They both live together and live this fully
He doesn’t want to leave any moment without her
She laughs, she plays, and she is so shy,
Her long hairs and her starry eyes
She does all weird things, he loves
He loves her heart he wants to live with her
But how can he explain his love don’t know
He stopped and watching her so innocently
He steals his eyes from her silently
Silent for a once, but his heart says
Please dear for a once
Be with me and be mine forever
She smiles and said YES…
With her beautiful smile
He is starring her and silence on his lips
He is watching her gives his all heart
With her beautiful smile again
She said I know what your heart says
Thats the love and I know about your love
When we meet for a once
I m yours not, for once, but for every birth
We live together and make house on beautiful earth

Originally written By ©Dr. Sakshi Pal

जरा देखो तो…..!!!!

अरे जरा देखो तो कोई भूंखा तो नहीं है
दो रोटी हम सुख से खाए
उन दो रोटी से कोई वांछित तो नहीं है
यूं कोई बनाए पकवान कोई खाए खीर
कोई बहाए पसीना धूप में पी भी ना पाए नीर
अरे जरा देखो तो कोई प्यासा तो नहीं है
तन पर लिपटे पोशाकें रंग बिरंगे फैशन में
कोई पहने फटे वस्त्र रंगे जो मिट्टी रंग में
अरे जरा देखो तो कोई नग्न तो नहीं है
यूं तो बोरिंग लॉकडाउन पिकनिक को मन तरसे
कोई चले नंगे पांव तड़पे छालों की जलन से
अरे जरा देखो तो कोई धूप में तड़प रहा तो नहीं है
हम करें ठिठोली हंसे घर में अपनों के बीच
कोई तड़पे दूर देश लिए आंसू हम सब के बीच
अरे जरा देखो तो कोई अकेला तो नहीं है
मैं भाव से भर आती हूं जब रोज देखती हूं
लोगो की तड़प को जो हर रोज खोते हैं अपनों को
ना जाने कितनो के घर चूल्हे भी नहीं जलते
कि कोई मर जाए तो उसे छू भी नहीं सकते हैं
कैसे प्रकृति रूठी है हमसे मानवता जो मारी है हमने
हूं निशब्द मैं उदास सी मन ही मन में
झुका कर सर नतमस्तक हो आगे उस शक्ति के
है विनती यही सभी रहे सुखी अपने घर में
हो अमन जहां में फिर वही और सीखे हम फिर से
जीवन के इस अमूल्य अनुभव को
बस जरा देखो इतना कहीं मानवता मरी तो नहीं है।

Published by “Anonymous” on behalf of ©Dr. Sakshi Pal

 

Book Review : Yaado K Panno Se…..!!!!

Hello everyone,
I hope you all are good and safe in your home.
After long time I was trying to post this content, but due to some busy schedule I could not do this.
This is review of Yaado K Panno Se.
Actually, this book is a gift for me but and I was so excited about that this book is a gift.
I love to read so I was very happy on that day.
This book is full of experience of life.
First poem dedicated to lord Mahadev
After reading this poem I was feeling every word in my soul like each and every word written with the whole heart, Shanky♥️Salty writes each and every poem from the pen of his heart and choose the words from his beautiful soul.

This book is really very interesting and when once I start reading I read this entire book till the end, his words are attractive and yes, I never forget I am falling in love with your words because you writes reality and writes from the heart with your real experience.
One thing I noticed in your book and from your other posts that is never judge people just because they are stronger, never be so selfish, you pick every topic which is most common but your thoughts on that topic makes your poem more beautiful.
So, this post for the Shanky♥️Salty book Yaado K Panno Se.
This book is awesome please guys read and enjoy and seriously, you also fallen love with shanky’s words and understand his previous experience of life.
You can read this book by clicking here.
©Dr. Sakshi Pal

मेरे अश्कों से…..!!!!!

मेरे अश्कों से बेखबर है वो
दिल की तड़प से बेखबर है वो
मैं टूटी हूं इस कदर अब
कि उसकी खनक से बेखबर है वो
रंग के मेरे हाथो को अपने वादों से
उसी को भूल बैठा है वो
हां स्त्री हूं समर्पण के साथ प्रेम निभाया है जो
तो क्यों हर बार स्वार्थी का लांछन दे देता है वो
कहते हैं इश्क करना आसान नहीं
पर ना जाने कितनो से इश्क फरमाते हैं वो
मैं बेखबर उसकी बेवफाई से
लिए अश्रु नयन निहारे उसके रास्ते को
वो हर बार उलझा के झूंठ से लबालब जाल में
हर बार और बार बार खंजर भोंक जाते है वो
कभी सोचूं मैं वो गलत नहीं
छले तो हम खुद हैं जानते हुए भी बेवफा हैं वो
बेवफा है वो।
©Dr. Sakshi Pal

500 Follows…..!!!!!

Hello, My WordPress family.
I am happy to announce that my blog has completed 500 followers. This is a very small step for me, but it’s meant a lot. And this is only just because all of you. One person who deserves a big thanks and I know only thank you is not sufficient. Shanky♥️Salty he is the one who helped me a lot and his support and guidance make this happen today. And I want to thanks all of you because without your support and love it’s never been possible.
WordPress is like a family, we support each other, read each other, motivates each other by small awards and likes and by beautiful comments.
WordPress gives me a new life, a new understanding, new friends, and yes lots of love.
I want to share one thing on that day.
We are writers, we write from heart and our words are energy which flows like a love in our surrounding.” So guys spread love, makes people more smile, and light up the world.
Thank you so much for your kind support. Keep writing, Keep growing.
©Dr. Sakshi Pal

हे री सखी……!!!!

हे री सखी
कौन है ये श्याम रंग
जिसकी आभा नीराली
पटपीत पीताम्बर सोहे
चमक रही समुचित आली
को है ये ऐसो
जिसकी छवि निराली
नयन हिरण से
अधर सुमन से
बजाए बंसी निराली
हे री सखी
कौन है ये श्याम रंग
जिसकी आभा निराली
©Dr. Sakshi Pal

माँ……!!!!!

तुम सा अनमोल क्या होगा माँ,
एक लम्हा भी तो नहीं होता तुम बिन,
मैं याद करती हूं दूर रह कर तुमको,
के स्वाद तुम्हारे प्यार का, तुम्हारी डाँट का,
चखे बिना जीवन अधूरा है,
जीवन और प्रेम का अर्थ ही क्या तुम बिन,
तुम सा अनमोल क्या होगा माँ।
©Dr. Sakshi Pal

कुछ तो रिश्ता है…..!!!!

कुछ तो रिश्ता है,
तेरा मेरा ओ री वर्षा
बेवजह तू भी नहीं
बेवजह मैं भी नहीं
भीगी तो तू भी है
भीगी तो मैं भी हूं
गरज के, कड़क के
बादल तेरे साथ हैं
जितना गरजता है
तू उतनी बरसती है
अपने ही उन्माद में
घनघोर संवाद से कर
प्रेम का शंखनाद
तू करती प्रेम का आह्वान
मैं भीगती हूं
तेरे प्रेम के जलपात में
अश्रु लिए मूंदे अपने
लिए भीगे से नयन
कि करती हूं मैं भी
जतन, के लगे अबके
यूंही मुझे भी तो
तुझ सी ही कोई अगन
तेरे और बादल के प्रेम सी
कि बरस जाऊं तुझ सी
तभी तो सार्थक होगा
तेरा मेरा रिश्ता
कुछ तो रिश्ता है
तेरा मेरा
सुन ना ! ओ री वर्षा।
©Dr. Sakshi Pal

रूहों के इस मेले में……!!!!

रूहों के इस मेले में
तेरी रूह से मिल जाने दे
इस जन्म में नहीं मैं तेरा
हर जन्म तेरा हो जाने दे
जिस्मों से होकर जो
रगों में बहुं
ऐसे रूह से जुड़ जाने दे
मैंने सोचा ना हो
कभी ऐसा,
तुम मुझसे कहो
तुझे इतना प्यार मुझसे हो जाने दे।
कौन सुनता अपनी तड़प यहां
तेरी गलियों में रह जाने दे
जो दर्द है सीने में अब
उसे यूं ही दफन हो जाने दे
मैंने सोचा ना हो
कभी ऐसा,
तुम मुझसे कहो
तुझे इतना प्यार मुझसे हो जाने दे।
सांसों में पिरो जो तुमको लिया
लबों पे सजा जो तुमको लिया
क्या तुम भी यही कर पाओगे?
मैं सोचती हूं ये,
कभी तुम मुझसे कहो
तुझे इतना प्यार मुझसे हो जाने दे।
©Dr. Sakshi Pal

Me and You…….!!!!!

Me & You under the sea
The water with love
Let’s flow with all glow
Yes hold my hand
You yes you baby
I’m saying to you
Our love yes our affection
Your eyes are blinking
Love reflects
Like a sparkel in our eyes
I found you by luck
My life my breath
My everything is with you
This is the moment of love
Just live it
Like hundred days in one second
Life is beautiful
because,
You are with me
Me & You under the sea
hold my hand
my love, oh my love
©Dr. Sakshi Pal

खुली किताब की तरह…..!!!!

खुली किताब की तरह
किस्से कई, पन्ने कई, पहलू कई
तुम समझ सकते हो मुझे?
इतनी सी ही तो बात है
किताब को पढ़ने के लिए
देखना पड़ता है उसकी प्रस्तावना को
उसके लिखे जाने के पीछे के भाव को
नाज़ुक सी हूं भावुक सी हूं
पर प्रेम से संपन्न हूं
तुम जितना पढ़ोगे उतना ही डूबोगे
बस उस प्रेम की वास्तविकता को
जान गए अगर तुम,
तो पढ़ना सफल होगा।
©Dr. Sakshi Pal

तुम मुझे याद रखना…..!!!!

तो तुम मुझे याद रखना
तुम्हारे सपनों की मंदाकिनी में
जगमगाते रखना मुझे तुम
हां बही!
वो हंसी मेरी करोड़ों जुगनुओ की
वो मेरी काली घटा जुल्फो की
वो चांदनी रात और नदी का किनारा
जहां हमारी अनगिनत सितारों सी यादें हैं
याद है ना?
अगर मैं भूल भी जाऊं
तो तुम याद रखना
©Dr. Sakshi Pal

तुम्हारे देख लेने से….!!!!

तुम्हारे देख लेने से
जान जाते हैं हम
तेरा हाल ए दिल
समझ जाते हैं हम
तू छुपाती है अपने
निगाहों से जिन अश्कों को
उनके दरिया बनने से पहले
साहिल बन जाते है हम
तुम्हारे देख लेने से
©Dr. Sakshi Pal

रिश्तों के कारोबार में……!!!!

रिश्तों के कारोबार में
अक्सर हार जाती हूं मैं,
सौदे भी तो कमजर्फ से हैं,
समझ नहीं आता,
अपनों के गलियारों में,
कौन अपना कौन गैर,
बस इसी हिसाब में,
हरदफा हार जाती हूं मैं,
रिश्तों के कारोबार में।
©Dr. Sakshi Pal

तन्हाई अच्छी लगती है…..!!!!

तन्हाई अच्छी लगती है
खुद से मिलने की वजह बनती है
तेरे सींचे हुए पौधों को
चुप रह कर मौन होकर
सब कुछ समझने की अदा बनती है
तब!
तन्हाई अच्छी लगती है
दुनिया की इस भीड़ में
रीति रिवाजों के इस भंभर में
इस जाल में जिंदगी जब
उलझी हुई सी लगती है
तब!
खुद से खुद तक चलने की
वजह बनती है तो सच कहूं तो
तन्हाई अच्छी लगती है
©Dr. Sakshi Pal

हां मैं जानती हूं सब…..!!!!

हां मैं जानती हूं सब,
पहचानती हूं सब,
बहला लो मन को,
उलझा लो तन को,
जरिए तो कई है,
पर उस पीड को,
उस आह को,
आज भी आराम ना मिला,
तुमने जतन भी कर लिए सब,
गहरी चोट खाए लगते हो,
इश्क की तुम जनाब,
तो क्यों जो खुद,
आज तक भर नहीं पाए,
दूसरों को देते हो वो ही सब,
कब तक उलझते रहोगे,
इस उलझने सुलझाने के चक्कर में,
अरे अब तक तुम पड़ोगे,
किसी ने तुम्हे खिलौना बनाया,
किसी को तुम खिलौना बनाओगे,
अरे दोस्त कब तक करोगे ये सब।
©Dr. Sakshi Pal

कान्हा की प्रीत रंग…..!!!!

रंग दो कान्हा मोहे प्रीत रंग,
जो उतरे ना ये सारी उमर,
जीवन के इस कोरे पन्ने को,
रंग दो अपने प्रीत के रंग,
रंग वही जो कृष्ण का हो,
तुम्हारे मेरे प्रेम का हो,
जग अनभिज्ञ जिससे रहा,
मुझे तो वहीं प्रेम का मोती मिला,
ये प्रेम रंग ना इस जन्म का,
ये तो रहे अब जन्मों जनम,
मेरे प्रियतम तो तुम,
हर सांस की सरगम तुम,
जग पागल मोहे बोले है,
पर मैं तो रंगी अपने,
प्री(कान्हा) के रंग,
होली के रंग में कान्हा का रंग,
मेरे ह्रदय में प्रेम रंग,
पुलकित कर दे जो अंग अंग,
रंग दो कान्हा मोहे प्रीत रंग,
अब ना चढ़े कोई और रंग।
©Dr. Sakshi Pal

चमक तेरे मेरे नयन की…..!!!!

चमक तेरे मेरे नयन की ,
कान्हा ये तो लौ है,
तुम्हारी मेरी प्रीत की,
हाथो में हाथ थामे,
सदियों के अनगिनत वादे,
हर श्रृंगार इस पावन बेला की,
चमक तेरे मेरे नयन की।
मैं जीवंत तुम में,
तुम प्राण मेरे,
स्पर्श मुक्त, मैं हर्ष युक्त,
अनगिनत, अलौकिक,
छवि तेरे मेरे प्रेम की,
कान्हा ये तो लौ है,
तुम्हारी मेरी प्रीत की,
चमक तेरे मेरे नयन की।
तन जो मिले तो विरह मिले,
तुम तो बसे रूह संग मेरे,
अब तो सब आंनद होय मिले,
ये प्रेम रस का पान प्रभु
राधा मधुसूदन शब्द मधुर
ये शक्ति हमारे अमर प्रेम की,
कान्हा ये तो लौ है,
तुम्हारी मेरी प्रीत की,
चमक तेरे मेरे नयन की।
©Dr. Sakshi Pal

कुछ और है…..!!!!

हर जख्म नासूर है,
हर किसी के हाथ में नून है,
किसे सुनाएं दर्द ए दिल की दास्तां,
यहां हर किसी के दिल में कुछ और है,
कोई राज ना कहना जमाने से,
ए दोस्त,
ये जमाना बड़ा खराब है,
यहां हर चेहरे के पीछे कोई और है।
©Dr. Sakshi Pal

इश्क था आखिर….!!!!

झुकी आंखो से कैसे कहते हम,
ख़ामोश रात और तुम्हारा साथ,
उस घोर अंधेरे में,
और उस चांदनी रात का श्रृंगार,
अनकहे से तेरे मेरे जज़्बात,
लबों पर आते भी तो कैसे आते,
पर इश्क छिपा कहां है जी?
झलक ही आया आंखो में,
झुकी आंखो से कुबूल ही लिया,
जो लबों से कह ना सके हम।
कितना कुरेदोगे इस दिल को तुम,
जब जान ही लिया है,
इसमें सिर्फ तुम हो।
लब उसके ख़ामोश थे,
निगाहों में एक अफसाना था,
कहा रुकते अब ये जज्बात,
इन्हें तो अब शोर मचाना था,
हाँ जी,
इश्क का शोर मचाना था।
©Dr. Sakshi Pal

You & Me…..!!!!!

Love is in the air
You and me
The wave of sea
Your scarf,
Your smile,
Takes me high up
My love is for you
Just look into my eyes
May be you don’t see deep
But at least for once,
May be you feel,
I want to just hold you,
Into my arms,
Till the end of my last breath,
Just be with me,
Be mine forever,
My love for you ever,
Pinkish sky,
I know you are shy,
But for once,
I m here for you,
Dear ! said,
That you are mine,
Ever and forever.
©Dr. Sakshi Pal

Enlighten The Lamps

I Enlighten The Lamps
In the dark nights
May be ,
They enlighten atleast
One person’s heart
Some hearts are,
Full of darkness,
The darkness of haterd
Some hearts are full of guilt
Oh dear,
Let go all these things
You are born winner,
Just recognize your spark
Yes you are the magic
We all are do wrong things
And learn from our deeds
Good comes after bad
Just be glad,
Just be like you
Just as you are
You are the creature of God
He is the law(God)
One life, one efforts
One purity, one humanity
Just live in oneness
We all are spirits of god
So,
Dears with my heart
Just enlighten yourself
Enlighten the lamps
Lamps of hearts.
©Dr. Sakshi Pal

क्या गजब का साथ देते हो तुम……!!!!

क्या गजब का साथ देते हो तुम
आ ही जाते हो गरज के
नमकीन पानी को उदासीन करने
मेरे दर्द को सहारा देने
बरस के छुपा ही लेते हो
इस दर्द को तुम
या यूं कहूं हमदर्द बन जाते हो
खैर जो भी है
क्या गजब का साथ देते हो तुम
©Dr. Sakshi Pal

Divine Love…….!!!!!

Shanky❤Salty

February 10, 2019
Shanky❤Salty

Let’s celebrate the day of love (Valentines’ day) OR week of love (Valentines’ week) but with self-restraint and for true development. If young boys and girls meet, it will only lead them to ruin. The celebration of Valentines’ day /week, which promotes nothing but passion, lust and promiscuity. In the future, they will breed irritability, emptiness, depression, frustration, premature old age and death. The celebration of valentines’ day/week is on ruinous path. People there are falling prey to sexually transmitted diseases and depression celebrating the likes of Valentines’ day/week.

Why should you imitate them?
Valentines’ Day that encourage people to live an immoral life are the prime factor behind widespread rejection of traditional sexual codes in many countries. This has caused the degradation of such nations. Even after spending crores of dollars on ‘abstinence only’ campaigns in schools, government of these nations have failed to solve…

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घरौंदे उनके कोई तो संभालेगा

वो खड़ा है अकेला धरा पर,
समेटे खुद में नन्ही सी जान,
सूखा खुद जीवन के पतझड़ में,
देता सहारा यूं ही बेवजह,
घरौंदे उनके भी कौन संभालेगा,
हवाओं में रह के रुख कौन बदलेगा,
वो परवरधिकार बैठा है वहां,
उसी ने भेजा, वो ही संभालेगा।
यूं हौसले कमजोर ना कर तू
तू उड़ान भर, हवा का रुख भी बदलेगा,
वो निकला है घर से आज फिर,
छोड़ मुकद्दर खुदा पे,
उसके घरोंदे अब खुदा संभालेगा।
वो सूखा खड़ा है ओंट में लिए घोंसले को,
सनसनाती हवा और जाड़े के कहर को सहे,
लिए संभाले, समेटे खुद में नन्ही सी जान को,
रख हौसला बुलंद अपना ए बंदे,
बसंत फिर हरियाली लाएगा,
वो जो करे इंसानियत,
वो जो करे निस्वार्थ प्रेम,
खुदा का एक पैगाम,
तू करता चला चल करम अपने,
रास्ते वही दिखाएगा,
वो खड़ा है अकेला धरा पर,
समेटे खुद में नन्ही सी जान,
सूखा खुद जीवन के पतझड़ में,
देता सहारा यूं ही बेवजह,
घरौंदे उनके कोई तो संभालेगा।
©Dr. Sakshi Pal

मैं और तुम मिलकर…..!!!!

मैं और तुम मिलकर
कर देंगे सब सही,
माना की हालात,
अपने हक के नहीं,
पर हक तो अपना है,
मैं और तुम मिलकर,
कर लेंगे सफर तय,
तुम साथ हो तो ।
मैं और तुम “मिलकर”
©Dr. Sakshi Pal

कैसी है ये पहेली….!!!!

कैसी है ये पहेली,
कभी है सहेली,
तो कभी है ये अकेली,
जिंदगी ही खुद में है एक पहेली,
कदम का साथी कौन,
सफर का हमराही कौन,
ये भी है एक पहेली
जिंदगी ही खुद में है एक पहेली
यूं तो मुसाफिर कई,
सफर तन्हा भी नहीं,
तेरे रास्ते का मकसद,
तुझ तक तू,
ये भी अपने आप में है एक पहेली,
तेरे सफर का तू राही,
मंज़िल तेरी इलाही,
उससे जुड़ना ही है काफी,
कैसी ये पहेली,
कभी है सहेली
तो कभी है अकेली,
जिंदगी ही खुद में है एक पहेली।
©Dr. Sakshi Pal

गणतंत्र दिवस….!!!!

अलग है धर्म यहां,
अलग है बोली,
दिल से लेकिन सब है
हिन्दुस्तानी,
ये प्यार का पैगाम है,
भारत माता के वीर
चलो उठें और मिटा दे,
आपस की ये हर लकीर,
हर ओर छाई है खुशहाली
दस्तक है आने वाले,
बसंत की,
संस्कृति जहां की निराली
भारत सोने की है चिड़िया
कई रत्न है मिट्टी में इसकी
जो लड़ गए अस्मत पे मां की,
जो सींचा उन्होंने खून से अपने
ये हिंदुस्तान बनाया है,
हमने अपना हिंदोस्ता बनाया है,
अनेकता में है एकता जहां,
तीन रंगों में ध्वज को सजाया है,
गणतंत्र दिवस पर,
अपना मान बढ़ाया है,
२६ जनवरी है आज यारो,
हर घर , और हर भारतवासी ने
गणतंत्र दिवस मनाया है
©Dr. Sakshi Pal

वो भी क्या कमाल करते है?

वो भी क्या कमाल करते है?
हवाओं में रह कर उंची उडान भरते हैं
डेरे उनके कोई न जाने
क्या खबर किस देश के हों
जहाँ रहें वही के होके गुमान करते हैं,
नभ अपना है धरा अपनी है
बटवारा तो इंसान करते हैं
वो भी क्या कमाल करते ? हवाओं में रहकर उडान भरते हैं
हर डाल पर मंजर उनके
निगाहे तीर लबो पर चह चहाहट भरते हैं
कूँ कूँ चीं चीं बोली प्यारी प्रकृति में एक खूबसूरत स्वर घोलते हैं
कभी प्रवासी कभी आवासी वृक्ष की शाखा और हर दिल में राज करते हैं
उड़ता देंखू जो गगन में क्षण भर
उडुं पंख खोल मैं भी अपने हर रोज
छु लुं गगन मैं भी क्षणिक भव भाव भरते हैं
वो भी क्या कमाल करते है हवाओं में रह कर ऊँची उडान भरते है
©Dr. Sakshi Pal

✨💫Perfect Vibes 💫✨

Me and my life

I m in a perfect vibes

I walk with the all glory ,

Sun shine on my cheeks

Every step of mine ,

Moves forward with the thrive

I see the world with my stary eyes

Oh dear so wonder !😁

Universe is full of beautiful butterflies

One is me , 🧚

With no worries , no durrries,

Just walk on my way

With my perfect smile

Me and my life,🧚

Love to love 💞,

Human to human 😁🌺,

Life is a beautiful gift

Worth it dear this,

With your beautiful smile

Me and my life ,

Oh oh yeah !😁💞

I m in a perfect vibes

——— Dr. Sakshi pal

✨🌺💕😊

🥳🌺नया साल 🌨️☃️💞✨🥳

बीत गया वो साल गया
देखो फिर नया साल आया है
फिर सर्दियों के महीनों में
हर्ष और उल्लास आया है
कुछ साथी संग के छूट गए
कुछ अपने थे जो रूठ गए
कुछ अनजाने थे वो जुड़ गए
यूं ही खट्टे मीठे अनुभव लाया है
बीत गया वो साल गया
देखो फिर नया साल आया है,

हर तरफ उत्साह , धूम मची है
पुराने पलो की याद छिडी है
नए उमंगों संग, नए सपने ये लाया है
बीत गया वो साल गया
देखो फिर नया साल आया है

तू भूल मत पिछला अपना
क्या सीखा तूने, क्या पाया है
वो अनमोल रत्न तेरे अनुभव
तेरे भाग्य के कुछ अनकहे संकल्प
नए अनुभव के साथ ये फिर
नया साल आया है
बीत गया वो साल नया
देखो फिर नया साल आया है

गिर कर उठना ,उठ कर गिरना
तू चलते चलना राही निडर
जीवन तो निरंतर चलना है
रुक कर किसको क्या मिल पाया है
वो पाया क्या जो खोया ना हो
मेहनत ही एक नगीना है
बीत गया वो साल नया
देखो फिर नया साल आया है।

Lots of love, peace, joy to my readers and my friends…..life is a full of endless possibilities 💞✨😁

——Dr sakshi pal

🌺💞🌺

💕☔इश्क की बारिश ☔💕

तू हो ! जो,😊

तो कर दूं इश्क की बारिश तुझ पे,💕

के कह दू इस जमाने से ,

एक तेरा ही हक है अब मुझ पे ,

तेरी इठलाती सी वो चहक,

तेरी वो नटखट सी हंसी , 😁

यूं लुभाती जैसे मन खिल उठता ,🥳

के कर दू इश्क की बारिश तुझ पे ।💞💕

ओस की बूंदों में 💧, इन गहराती रातो में,🌃

कटे कई शीत , कटे कई सावन 🌨️⛈️🌧️

कडाके की ठंड ☃️और , बारिश मन भावन, ☔

सहेज प्रीत के इस पावन घर में ,💕

फिर आए राधा मधुसूदन , 🌺

तू हो ! जो,

तो कर दूं इश्क की बारिश तुझ पे,💕

के कह दू इस जमाने से ,

एक तेरा ही हक है अब मुझ पे ,

के कर दू इश्क की बारिश तुझ पे ।💞☔☔

————–साक्षी पाल 💞🌺

☔😊🌺🙏

दिया और बाती

मैं प्रेम की बाती, ये
तुझ दिए संग लागी
बुझे ना ये मोरी अगन
जाने कैसी ये प्रिए
तुझ संग लागी लगन

दिया तू मैं बाती हूं
तेरे संग जलाई जाती हूं
कुछ साथ तेरा मेरा ऐसा
हर दम तुझ संग
मैं ( पूरक )जलाई जाती हूं

ये जगमगाती रोशनी
तेरे मेरे प्रेम की
जग को करे उजागर
यूं प्रीत मैं तुझ संग
निभाई जाती हूं

मैं प्रेम की बाती, ये
तुझ दिए संग लागी
बुझे ना ये मोरी अगन
जाने कैसी ये प्रिए
तुझ संग लगी लगन

——————साक्षी पाल😊
💕🙏💕

Me time 😁🤟

My silence , my presence , flow of my breath , no one , just me in mine world , tik tok of watch , and feeling of relaxation in every beat , my heart beat ,with the sound of lubb dubb ……

# metime#💕

#Loveyourself #✨🌺💫

————— when you alone remember you are not alone you are with yourself ,,,, how amazing is that no?😁 to meet yourself ….just try it ….. observe yourself , your thoughts , your vibrations , your energy , it’s come under the meditation😁💞🌺✨💫

——-with lots of love

Dr. Sakshi pal

💞

💝Khud ka Naya jahan🌌

Badlo ki unchi udano ko
In pahado ki unchaio ko
Muthhi me thama h mene
Han aj ek fir naya jahan
Banaya hai mene
Chord ayi apni sari hado ko
Haan!
aj meri hado ka ek
Naya jahan bnaya hai mene
Pat pat or dal dal fir phulo ki khusbu h patthro pe bhi phul uge to
Sabarmati bhi ret me behti h
Kyu badha h khud ko e dil tune
Ye tera dor
Titliyo ko bhi udan bharana munasif h
Han😊
Badlo ki in unchi udano ko
Phahado ki uncchaiyo ko
Mutthi me thama h mene
Aj apni hi khwaisho ka
Naya jahan bnaya hai mene

One year ago ( 4 august 2018) i wrote this poem … some beautiful memories and yeah 😇some beautiful message 😊💫✨💞 🌺 keep read keep fall in love with yourself 😊🌺👍🦚

The golden moons poetry 🎊🎉

Dr. Sakshi’s poetry

Khoobsurat Manchali si wo 💞🌺😊💕

Khoobsurat hai wo badi manchali hai🌺💞

jane kya befikari si aj usme hai

khud ki hi dhun me sawar

chamakti hain ankhe ab uski,

sochti hoon poonchoo use

ki kya paya usne ab

badi jiddi hai kuch bolti hi ni

bas muskura kar apne chehre se lubha jati hai

me dekhu use ajkal hairani se

aisi to nahi thi kese hui

akhir aj pas ake baithi ankhe band karke

kuch yu boli ….ye razzzzz

salo bad khud se mili hoon

kho si gayi thi in badiyo me

jab dekha khud ko pehchan hi na pai

khud ki dagar khud ka safar

mile kai musafir raho me pag pag

chamak jo nayi si hai

ye muskan jo labo par hai ye ab nayi si hai

befikar me mast magan apni dhun me

na sunu na ruku na jhuku ab

jana mene bhed apna kon hoon me

ek mashal jo jindadil rakhti hai

kayro se kahi alag rakhti hai

jana hai khud ko jab se to yoon muskai hoon me

yahi hai razzzzz mitra ….

——— Dr. Sakshi pal

🙏🌺😊

Desh ki satta ka ajab najara

Desh ki Satta ka ajab najara
Kon jita Kon Hara❓

Hara to desh hai bechara,

Ek dusre ko harane k chakkar me
Bhulne lag gye bhaichara
Na koi dekhe Garib ko,na dekhe koi berojgar ko❗

Sab dekhe apni satta apne hi gathbandahan ko❗

Itne gir gye gaddi k lalach me,

Lad rahe Hain kutto billi k trh
Kya socha pal Bhar bhi inme see kisi ne,
Kya astitava hai ab desh ka❓

Harana or harna sirf yahi reh gya hai,
Kya fayda❓

Jo jita wo khud Hara hua hai
Kya hoga is desh ka yaro❓

jaha loktantra hi Hara hua hai❗
Ek sarkar sirf ek sarkar ko Satta see bahar Kar ri hai,
Kya yahi reh gya bas ab❓

Ab berojgari or garibi dastak de rahi hai,

Ye sabhya Samaj ka najara kaha see sabhya reh gya❓
Sabhyata k aadh me asabhyata Janam le ri hai❗

Dekho, dekho, dekho yaro❗
Desh ki Satta ka ajab najara
Kon jita Kon Hara❓
Soch k dekho Kon jita Kon hara❓

————–Dr. Sakshi pal

🙏😊

Yu hi kafi dino se likhi hui thi aj post ki hehehe hope you all like it guys😊. Actually I m not interested in politics but because of my dadu (grand pa) i wrote this last year ….just aise hi 😁one try on political things……( debate) 😂🤣🤣

In the light of moon🌝🎸

in darkness with the light of moon🌝

With music in her room🎸🎤

She enjoys all her mood💃😊

Feel the joy in her every breath😁🥳

Swinging with all hormony,💞

In darkness with the light of moon🌝

Shine in her eyes🤩

Big billion stary her smile🥰😁💫✨

She enjoys herself💁💕

With her Imperfect moves,💃😊

In darkness with the light of moon🌝

Some alone some fear🌺🌺

Oh oh nooo my dear!

Not alone😜,

She is with her mobile phone📱💁

She jump with joy🥳

Like all glory is her toy🌺✨💫

Sing a song, on Lound picth mood🎤,

In darkness with the light of moon🌝

With her favorite song🎶🎸🎺

And with her favorite moves💃

With her perfect mad mood 😜👑

With Imperfect perfect moves 💫😊

———Dr sakshi pal

🌺

That girl is strange but special

THAT GIRL IS STRANGE BUT SPECIAL ……………..

a girl always sitting in a corner with her mobile phone, i always saw her with weird hair style ,bold dark lipstick, long hairs, bold shiny eyes blackish long curvy eyelashes, she is a beauty , she is always do weired things , she is so attractive …..and the most beautiful thing is her smile …her smile stoles many heart , her childish cute smile. , she is a brown beauty ,a stary shine in her eyes like her eyes says so many things……

She is always in, hurry , hasty , anxious sometimes I get puzzeled that what she want🤔🤨 even in one moment she is happy , joyful 🤩 another moment she is sad , worried ….she looks strong like a stone (a stone hearted ) but she has a heart like a flower 🌺she knows the truth of every smile …the faces behind the faces 😁 but before sometimes she never like that she was dumb , innocent , jhalli , trusts on every person. Now she is becoming a stronger person more than before…

She is tuff😊 yeah she is……but most of time i observe that she has a kind heart she always ready with her whole heart thats makes her special ….. everything she do, did it with whole heart💕

I saw her alone always in a corner the things she do are really strange …she always argue at every point I don’t know why but she is so reactive ….why she is so peevish no one knows but she knows ….her inner corner of heart ….she stand for herself she stands for everything which she don’t like she always follow her heart ,her mind….she is a flower🌺with the four leaves of clover🍀…she is a queen of her world👑

She walk like as she has all the happiness and , all the prosperity💕🤩

Yeah !

this is about the girl who is so strange but special …..She is a mystery in herself😁 , she loves to love other💕 , mostly people says she is a mad😜 , she is crack but actually that weired things gives her happiness her real happiness so she do🤩😁🥰 …….

she loves to talk herself , she loves to live alone sometime , she loves to be with those people who are really her well wisher , loves her , knows her worth , knows her every mood swings hehehe she is moody little bit , she is bold , she loves to speak truth whatever it is she doesn’t care ,most of the time people said that she has no sense but they dont know the meaning of real inocense , the meaning of good heart ,her pure intentions. Yes, she dont like to please others because she know her worth she knows her capabilities ,she is stronger more than other think.

She knows the value of her tears, she knows her worth ,she know all her capabilities after all she found her after so many years💫✨ …she fall , she became weak ,she scared, she loose , but after loosing she found herself a new self infact she is changed now she is so stronger than before …ummhhmm yes she is a beauty with brain ……..

She is strange but special👑💫 ….her heart is special 💕

💕Everything is your choice 💕

ham sabhi apni jindagi me har roj kuch na kuch naya sikhte hain , har roj ki tarah me bhi din k ant tak jab khud se milne baithti hu to kuch na kuch anubhav mil hi jata hai. aj fir clinic k bad kuch fursat k pal hote hain unme bohot kuch socha samjha yu hi ek topic tha book ka jo ham clinic par read kar re the. the topic is everything is your choic .absolutely true our life is our choice , but no one accept it because we are always blaming to the others for everything happened in our life …..last post on my blog was me or meri diary. is post me mene jyada kuch nahi bas thoda likha jindagi k bare me or jindagi k santulan k bare me …..this post is all about acceptance. agar ham kisi bhi chij ko life me jo bhi ho ra hai koi bhi situation ko fully accept karte hain to end result hame disturb nahi karta chahe wo positive ho ya negative…ye acceptance kese ayegi ….sawal itna sa hai par jawab gehra …..

life kya hai pehle ye samjhna hoga ….ap khud se kya chahte hain har insan ki basic needs hoti hain….. basic needs are love, peace ,stability agar ye teen chije hain to life bht stable hogi har situation me . jab bhi ham koi faisla lete hain ya kuch choose karte hain to wo hmari choice hoti hai koi force ni karta wo ham apne situations or experiences k according choose karte hain .happiness is your choice its not a state …apka najariya ek buri situaion ko lekar kya h or ap kitna ahat hote hain ye bhi apki choice hai ..life is a series of new events, experiences, learnings nothing is permanent ……sadhguru kehte hain ki jab kuch bhi tumhare bas me na ho fully surrender kar do just go with the flow with the acceptance that everything will be ok. what it could be negative or positive its all good for you may be you dont understand that now but later u will ………

so here i m ending this topic with lots of love, peace, well wishes to my readers…………..

be positive be real just go with the flow…………….

———with lots of love
Dr. Sakshi pal

🎨🖌️Rangne apna mukkadar 🎨🖌️

rukh hawa ka kis or hai

jane uski nazar ab kis or hai

baithi hai wo chup si, shant si ,

Behte mazar or

urdte hue uske

lambe se bal

ghane se,

khusboo hai wo

ankho me sapne uske

lab par dua chehre par sukoon liye

khush hai dil hi dil me

bharosa leke khud par

badhti hi ja rahi hai

apni dagar par

Yoon hi befikar ho

mukkadar ko bnate hue apne

apni hi kalam se

fir aj uthi hai apni duniya rangne

rango se jese uski bnayi hui kalakratiya

fir rangne ko taiyar hai isjeevan k gharane ko

khud se apna mukkadar banae ko

~—Sakshi pal—~

😍Me or meri diary ❣️💕

dhalta din hai or sham ho rhi hai . gali kunchi ki rediya ab ghar nikalne ko hain . mandir masjid or gurudware main iswar ki aradhna ki taiyari chal hai …..🙏

bas kuch der main mandir main pooja shuru hogi or gurudware me ardas , or masjid me ajan shuru hai. thandi hawa chal rahi hai or main apne ghar ki balkani me apni pyari diary k sath😊 .asman me is waqt kai rang hain🌌…..neela safed asman rang badal raha hai, kudrat ne sab kuch kitna soch samajh kar banaya hai or sath sath niyam me bnaya hai🌱🌿🥀. ye niyam sadiyo se yu hi chalte arahe hain dhalta sooraj neela asman , sooraj ki lali se rang gaya hai kuch der main kali ghaneri rat hogi or rat ki anchal me jagmagate tare or chand kitna khubsurat sa drasya hai na?😊🌌 kitna sukoon deta hai ye rojmarra ki jindagi main thoda sa samay ………..sahi shabd agaya samay…🤨

hm dekhe to sooraj ugne se sooraj dhalne tak🌆 or rat hone tak ham din k kai pehlu dekhte hain thik usi tarah hamari umar k bhi pehlu hain bachpan se lekar budhape tak puri jindagi ka safar bht khubsurat ho jata hai jab wo bhi isi tarah niyamo me chale ham ek alag sa anubhav lekar apne jivan k ant tak pahunchte hain . or wo anubhav hi hain ahmare jagmagate tare 🌌…..or antata hamri manjil hamara chand🌛 jab jindagi besukoon ho or bedhang chale to jindagi jindagi nahi rehti.

agar ham niyam me hi dekhe …physics or chemistry ko hi le lekin usme har ek chij ka niyam hota hain. molecules or atoms ki heraferi pure tatva ki property change kar jati hai 😐💫. yahi niyam universe par bhi lagu hota hai …..sare planets🌍☄️ apni apni duri hai or wo hamesha niyam me hi hain .santulan⚖️ bohot jaruri hai . har chij jyada ya kam nuksan hi deti hai to abhi tak mera khud ka experience hai ki stay always in middle just like lord buddha said ……be a part of every thing but not to get too much attached because we are on our path… ek gana aya 🎶🎵🎤🎷🎸🎺🥁 🙂😊🌺yoon hi chala chal rahi 🎶yoon chala chal rahi kitani haseen hai ye duniyaaaa…..and so on🎶🎶🎵🎶…… with lots of love ,peace, joy and happiness because your smile is a best thing you can wear on your face and makes u beautiful 🌺😊

So jindadil raho or Dil khol k jiyo….bahe phela kar 🌺😊☄️💫😍🥰spread love ,♥️❣️💕

दुनिया का नजरिया

कहते हैं दुनिया को जैसी देखो वैसी नजर अाती है
हर कोई अपने में खुश नजर आता है
मैने भी देखा एक मासूमियत से , खुशी से
फिर भी ना जाने क्यों उखड़ी उखड़ी सी नजर आती है
कड़वाहट रखते है लोग बेवजह
सुना हैं आइना हमारी आंखे है हमारे मन का
पर मन मेरा साफ होने पर भी लोगो में क्यों कड़वाहट हैं,
मुंह फेरते है हमारे अपने जो कभी हमारे पास थे
कभी हंसी और कभी शाम की जान थे
दुनिया में कुछ अच्छे कुछ बुरे सभी अनुभवों को मिला कर देखा मैने ,
इतना तो नहीं पर जितना भी सीखा मैने !
बस यही,
दुनिया को जैसे देखो वो वैसी ही दिखती है
पर जरूरी नहीं तुम् में सच्चाई और अच्छाई है तो दुनिया मे भी हो।
तो कहती हूं मै दुनिया सिर्फ ज़रूरत के साथ ही हमें जानती और वैसी दिखती है।

साक्षी पाल 😊🌺

जिंदगी का संघर्ष

जिंदगी कितनी अजीब होती है , कभी खुशी के साथ तो कभी गमो में लिपटी होती है।
कई अंदाज देखे मैने , एक ही समय। दो पहलू देखे मैने,
कोई दो बख्त की रोटी भी फेंक देता है , कोई एक बख्त की रोटी के लिए तरसता है।
बच्चा करतब करता है, तो। एक बच्चा बैठ के करतब देखता है,
कितना अजीब अन्तर हैं ना दोनों के बचपन में ,
उसके लिए समान पर इस धरा के आंचल में क्यों असामनता दिखती है ,
धरा सबकी माता हैं मां के लिए कोई भिन्न नहीं सब एक हैं ,
ये असामनता बीज उपजा मानुष जग से।
और वक़्त की रोटी ने बचपन में ही ये सब सिखा दिया।
जिंदगी अजीब दिखी मुझे पर ये अजीब नहीं बस जरूरत को। पूरा करने लिए संघर्ष है। जो हर कोई अपने स्तर पर कर रहा है ।

साक्षी पाल

Sabar

Pooncha gaya :
Sabar kise kahte hain?
Jawab :
Jab tumhari aankhe anshuo se bhari ho ,
Magar tumhari juban par shikwa na ho
Dil is bat ki Gawahi de raha ho ke rab jo karta hai usi me humari behtari hai. ,

Hara rang☘️🌳🌼

Hara rang ,
Matlv iska khushali
Dhara ki god hari
Upr ambar neela
Sansanati hui Hawa
Or main😊,
Dono hi betab Hain
udan bharne ko
Pankho ko fela k
Udd jau is gagan main
Hara rang ,
Pedo ka
Or Hara rang mere sapno ka
Khushal
basanti mausam ki phulwari
Or main,
Dono hi betab Hain mehakne ko
Pakhudiyo ko khol kar apni
Me mehku is chaman main
Hara rang ,
Khubsurati is jahan ki
Or main,
Meri khubsurati Mera Dil ❤️
Dono hi betab Hain
Is jahan 🌄me Aman Dene ko
Mohobbat k Kai Roop
Main or Meri taleem👩‍⚕️
Dono hi betab Hain
Jahan me sukun Dene ko
Hara rang
Ek rang or pehlu jindagi k Kai
Ant rang ye rang
Yahi to hai
Hara rang🍀

Dr. Sakshi pal

Kitna mushkil h khush na hoke bhi khush hona

Thik usi tarah sukhe ped ka fir se hra na hona

Par ek ummid to lgai jati h

Choti si tuti si dabti si

Par kise khabar wo ummid

Ab kb puri ho

Ajkal kuch likhne ka man ni krta

Likhu bhi to kya

jab jazbato ka tufan ho or

Tufano me sab beh gya ho

Ek tuta insan krega bhi kya

Par ha me sherni hu

Jo akhiri sans tak rani h

Jo har k bhi dahadti h

Ant tak maran tak

Me harungi nahi

😑😶

Besabri

Urdte in majaron me
Behkte in shamo me
Kuch besabri si hai
Besabri bhi ye kuch
Ajeeb si
Bheegi jameen par
Kuch os si
Tilmilati garmi me
Barish ki boondo si
Dard me rahat si
Ye shame jese
Shabnami si
Besabri bhi rahat si
Urdte in majaron me
Behkti in shamo me
Kuch besabri si hai

Besabri bhi jaruri hai😜😊🥰🙏🌺💕🌠

Dr. Sakshi pal 🤗

Shuruaat ye kuch nayi si hai 💕🤗

Shuruaat jo ki h mushkilo se
Ab ye tumse dil lagane ki
Shuruaat ye kuch nayi si hai
Jane kyu fir se reh reh k
Aankh nam si hai
Bekhabar hu duniya se me
Me Manchali hawa si hu
Ek befikri si aj is
Hawa ki fitrat me hai💨💨
Me chahu urdna mast ganagn me
Apni dhun me sang tere 🤝
Manchala sa to kuch tu bhi hai😊
Par aj kahi kuch kami si hai
💕dil lagta ni kuch ab is kadar
Do hawao me kuch berukhi si hai
Darmiya jo h mere tere
Kuch khatta sa kuch meetha sa
Parle g k sath kurkure sa😜
Imli k gole k sath candy sa
Aisa kuch sath tera mera
Hawayen aj ye kuch nam si hain
Shuruaat jo h dil lagane ki
Ye kuch nayi si hai💕
Shuruaat ye kuch umar bhar ki hain

💕💕💕💕💕💕💕💕💕💕💕💕💕💕

The love is feeling of two heart which are connected with each other as in form of divineness. There is no ending or no starting of love …love is immortal , changes in person to person, present in each n every where in universe. The point of power in present start with new start with faith , than you will definitely find your true love. Let the love yourself , let the love spread in everywhere .LOVE PEACE JOY 🤝🤗🌺🌠🙏

Dr. sakshi pal

🌺🙏🤗💕

Kash me radha ho jau

Kash me Radha ho jau♥️
Sab bhool k tum sang preet nibhau♥️
Aankho ki chamak chupaye na chhupe😊
Dil ki ye dhadak roke na ruke♥️
Hey kanha🙏
Nainan me yu bas jao tum🥰
Preet me tumhari hi ram jau😊
Kash me radha ho jau
Sab bhool k tum sang preet nibhau🤝
Mandakini tumhare sapno ki🌌🌊🌠
Mehak tumhare hone ki🌺🌹
Sanso me hi piro jau🌤️
K tum me hi simat jau🌠
Kash me radha ho jau
Sab bhool k tum sang preet nibhau🤝
Tum muskao chad bhar🌺🤗
Me balihari jau🥰
Rom rom khil uthe simran se🙏🌺🌹
aisi preet nibhau♥️
Charan jo chu loon to🙏
Us dhool me mil jau🌠
Kash me radha ho jau
Sab bhool k tum sang preet nibhau♥️

🙏🤗😍the krishna consciousness 🙏🤗😍

With love ,

Dr. Sakshi pal

🙏

Hello dears 🙋😍😊🤗

🙋Hello everyone after a long time I m going to open my blog. It’s really amazing to see you all again in my comment box hehe 😊& your likes .i m here with lots of ideas ,lots of new thoughts I hope you all will definitely enjoy my poems. Be Happy live happily and spread love everywhere.🥰♥️

Yu Tera murd k Meri or bar bar dekhna
Bar bar dekhna jese fir laut ane ka intzar
Yu Meri ankho me jhankna Tera
Tha mjhe mere Bina bole tere samjh Jane ka intzar
Yad h na!
Wo pyari SI hansi meri or dekh k
Wo ankho ki chamak Teri Meri or dekh k
Yad h na!
Pyar k samandar me Yu kho Jane ka jazba
Har had har dar se gujar Jane ka jazba
Yad h na!
Hatho me leke mere hath
Yu Bina bole kiye Anginat vade
Vado me sang Jine ka ikrar
Yad h na!
Tadap Jana Tera Meri ankho me anshu dekh
Garaj Jana Tera Jo koi Meri or ankh utha k b dekh le
ek jese Tera hi adhikar h mjhpe
Yu jatana Tera
Yad h na!
Sakshi’s poetry

True love kabhi khtam ni hota bas chalta rehta hai hmesha hmesha jita rehta h Dilo ki dhadkano me ….pyar Dene ka nam h lene ka ni ….bas isse jyada ab or ni …..I have no words because it’s a beautiful feeling…jise koi byan ni kar sakta ..guys just fall in love but not fall by attraction ….hahhah😁🤗with lots of love♥️ 🌼🙏🌼

Soda – e- Dil

Aksar logo ko kehte suna Hai mene
Dil ka Hal kese Jane
Ek took najar bhar k dekh lo, jhank lo, Mon reh k , ankho me ,,,
Hal or mijaj dono samjh ajaege!

Dil ki gehraiyo me utarne ka hunar har kisi k bas ki bat nahi
Ye wo ehsas h jo har koi ji ni sakta har koi pa nahi sakta or har koi samjh ni sakta
Or Jo Jan le wo kbhi sode-e-dil me mat kha nahi sakta

🌼🌼🌼 Sakshi’s poetry 🌼🌼🌼

Ek Anokha Bachpan

Kartab karta SAR ko hilata
Wo ithlata aya hai
Kbhi idhar to kbhi udhar kud kud ithlata hai
Range hue pura muh lal Kali munchein
Ankho me hai neend bhari
Fir bhi muh pe muskane khinche
Kon Jane bhunke pet Kya krta hai wo
Kaise sehta h waqt ki Mar wo
Keh k Aya hoga ghr se ma launga do paise ghr me
Kartab karta SAR ko hilata wo ithlata aya hai
Kabhi idhar to kbhi udhar kud kud ithlata hai
Sab ko dikhaye muskane hasaye or lubhaye
Kya yahi uska bhagya hai
Ye bhi wo kbhi batlaye
Thaka Hara JB pahunchega to Kon use behlayega
Kartab karta sar ko hilata wo ithlata Kal phir wo ayega
Kabhi idhar to kbhi udhar kud kud fir man ko lubhayega

😊😊😊😊😊😊😊😊😊😊😊😊😊😊

Dr. Sakshi pal

🙏

Tumhe mujhse Pyar hai 💖

Tumhe mjhse Pyar hai💖
Par is bat see bhi inkaar hai😊
Tere Dil ki kashish ko b jante Hain hm
Ye to bat ab sare-aam hai🤗
Tumhe mjhse Pyar hai
Yu chup ho Jana 🤐
Tera
Gumsum sa hoke
fir bht kuch keh Jana
Tera 😊
Ye hi to Pyar hai. 😍
Man lo 🌹
tumhe mjhse Pyar hai💖
Khamoshio k sath rehne me
Or kuch na khne me bhi.
Tera izhar hai☺️
Tumhe mjhse Pyar hai💖

💖💖💖💖💖💖💖💖💖💖💖

( Love is feeling that can not be explained by the words it’s a feeling that can be feel by the persons who are attached with heart and soul .eyes are the reflection of the emotions….☺️)

Dr . Sakshi pal

🙏

❓ Kyu ❓

Kyu thakta hai tu kyu girta hai tu
Kyu har kadam pe sambhalne par bhi
Kyu Agle kadam girta hai tu.
Seekh k apni galtiyo se fir
kyu glti krta hai tu
Kyu rukta hai tu kyu sochta hai tu
Kyu har bar khud ko smjha k bhi wahi glti krta hai tu
Bharosa khud pe kar apne khamio ko kyu ginta hai tu
Talukato k majhabo me kyu har bar ulajhta hai tu
Manjilo ko najro k shamiyane me najarband to kar ab
Kyu khud ko gumrah karta hai tu
Kyu Fikr -e- anjam karta hai tu
Kyu apne hi rasto pe chalne se drta hai tu
Kyu thakta h tu kyu girta hai tu
Kyu har kadam par sambhalne par bhi
Kyu agle kadam girta hai tu

( Believe in yourself ..you are the complete and universe🌌 always with you …when we have good intentions God helps us surely…he is the great listener and great helper ….be a good person 😊 than good things Automatically will happen 👍 don’t see your bad side always see your good side because God’s creation always right 💫😊)

🏵️🤗 Sakshi pal🙏🏵️

🌞हॉस्टल की वो एक सुबह 🌻

आज की सुबह हर रोज की सुबह की तरह नहीं है ,,, पिछले चार सालों की तरह आज भी उसी तरह होस्टल की छत पर हम धूप का लुत्फ उठा रहे हैं , चिड़ियों की चचहाहट और प्यारी सी कुकु , ची ची , और सर पर खिलखिलाता सूरज ।होस्टल के गीज़र पर बैठा कबूतर ।और ठंडी ठंडी हवा ।मुझे हर स्पर्श में मेरी हर पुरानी याद ताज़ा कर री है । यूं तो होस्टल सबको बुरा लगता है पर मेरे दोस्त और मुझे यहां अपनापन सा लगता है शायद सबसे ज्यादा यादे हमारी यही तो बनी हैं।होस्टल की मस्तिया, पार्टीज ,वार्डन की डांट , सुबह सुबह भागना ब्रेकफास्ट के लिए लेकिन मै बता दूं सुबह के सारे रूल्स मैने और पिंकी ने तोड़े हैं । आज सब याद आ रहा है तो हर रोज की तरह आज की सुबह आम नहीं है क्युकी आज हम हॉस्टल से हमेशा के लिए बाहर जा
रहे है। हम छत पर घूम रहे हैं और गाना चलाया है जो कुछ यूं है–

Yar gavane sokhe ne par paune ne aukhe
Jo mehnat karde ne oh manzila paa hi lainde ne
Kar sangta koyela di papihe gaa hi lainde ne
Ohi saaj sambh k rakhda jihnu aunde vajaune
Oh yaar gawaune saukhe ne par paune ne aukhe💖🤗

, कुछ इन पंक्तियों के साथ हम चारो दोस्तो की बनाई यादें ताज़ा हो गई । चलो आगे बढ़ना ही जिंदगी है ।पर आज उदास से हैं और खुश भी की पता नहीं चला वक़्त का कब गुजर गया जिंदगी जब ऐसे कटे तो सालों कब गुजर जाते हैं पता ही नहीं लगता । आज जिंदगी का सबसे खूबसूरत अनुभव लेकर जा रही हूं ।
28 सितंबर 2014———28 फ़रवरी 2019
इस दिन हम चारो मिले और चारो ही साथ आज रहे हैं एक दूसरे के साथ एक दूसरे के जिग्री यार । डिग्री के साथ मिले मुझे मेरे जिंदगी के जीग्री यार। कुछ समय बाद दोपहर का खाना मिलेगा मेस का। 😁 हहाहा बता नहीं सकती मैं आपको की मैस वालो को कितना तंग किया हमने हर रोज हमारी एक नई शिकायत होती थी । अब बेचारे चैन से रहेंगे । खैर चलो मै चली अब रूम में बाकी की पैकिंग करनी है ।

आगे अभी बहुत कुछ है जो जल्द ही आपको बताऊंगी ।अभी आप इतना पढ़ो और हां अगर आप कभी होस्टल में रहे हैं तो आपको अपनी फन टाइम जरूर याद आगई होगी। बाय बाय ।😁❤️

साक्षी पाल,😊🌻💖

❤️Lagi chute na❤️

Jane Kya jadu hai kanha
Preet tum sang chute na
Jag hanse kre pratihas
Lagi Jo tum sang wo chute na
Kbhi to preet ko pehchano
Kbhi to apna bna lo
bnao Jo apna fir ye
Sangam tute na
Jo preet tumse judi
Wo chute na
Jane Kya jadu hai kanha
Preet tum sang chute na
Na jee Pau tum bin
Maran bhi ab mere bas me na
Chand pratipal hradya k
Mandir me tum ko pau me
Ye swapn Mera ab tute na
Anshru dhara k ye
Sangam sukhe na
Kbhi to preet pehchano
Kbhi to apna bna lo
Bnao Jo apna fir ye
Sangam tute na
Jane Kya jadu hai kanha
Preet tum sang chute na
Pratidin man mandir k
Deepak ki lo me
Tumse Milan ki as me
Ye Deepak dhumil hoye na
Ab preet swikar kro Meri kanha
Tum Bin man ko kuch bhaye na
Kb miloge Prabhu mjhko tum
Bawari me mujhe ab koi btaye na
Kbhi to preet pehchano
Kabhi to apna bna lo
Bnao Jo apna fir ye
Sangam tute na
Jane Kya jadu hai kanha
Preet tum sang chute na
Lagi Jo tumse hai ab kanha
Kbhi ab ye chute na

The Lord krishna and Radha is the icon of Devine love 🙏.

This poem explains my feeling with Krishna & I m all’s him and he is mine ♥️

He is universe & he is my shine💫…

🏵️ Sakshi pal 🏵️

🌼 🙏🌼

Aaj urd chali Hoon main🧚

Khule asman me aj urd chali Hoon me🧚

Is neele gagan me aj beh chali Hoon me🧚💭

Mere chehre ko chooti ye thandi hwaye💨

Mere lambe se balo ko apne rukh see urdati ye manchali hawaye

Fela k bahe mujhe apne kareeb bulaye🤗

Main ruk gayi , Jara sambhal gayi!

Peeche murd kar dekha to gehrayi mujhe daraye

Main sochti hu kaha agyi me

Bapas murd k Jo dekhu ab to,

Par murdna sakshi k usoolo ko hilaye😊

Ab nahi murudungi me

Apni dagar se ,

Jo urd chali hu to mast magan hoke

Phir nahi rukungi me

Yu hi urdti rahungi ,

Yahi hai Aman Mera , 🌼

Yahi hai chaman mera,🌻

Safed badlo ki ont me khud ko chupaye💭

Muskane mere hotho ki ab mujhe lubhaye,😊

Ab nahi rukungi main,

Nahi thakungi main,

Jo khule asman me Sab chord Kar urd chali Hoon main🧚

Is neele gagan main aj behh chali hu main🧚

🙏

🏵️ Sakshi pal

Aaine me Yu na Tak apni rup ki jhalak ko
Kbhi aaine me ruh utar kar to Dekh

🏵️
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~

Pani ki chalchalahat or man ki chanchalta
or khud k Dil ki bechaini koi roke bhi to kese
Dil or dimag par havi hoke
Unhi ko barvad karti hai

🏵️
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~

Umar or waqt sabke hote Hain
Umar dhalti jati hai
Or wqt gujarta jata hai
Fark itna k
Waqt k sath Umar bitti jati hai
Umar ruk jati hai
Waqt nikalta jata hai

🏵️
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~

🏵️ Sakshi pal🏵️
🙏

😴Nidraye😊

Nind😴 bhi kya gajab ki chij hai
Kuch sone ko taraste 😥hain to kuch rat bhar jagte hain😊
Or kuch so k bhi machalte hain😃😃

😴😴😴😴🤗🤗🤗🤗🌻🌻🌻🌻🌻🌻

अब इन कुछ पंक्तियों के कई अर्थ हैं ये उन लोगो लिए हैं जो रात रात भर जागते हैं कभी खुद के लिए तो कभी दूसरो के लिए और सोने को तरसते हैं, जो लोग चाह कर भी अपनी नींद पूरी नहीं कर सकते ,और कुछ लोग सोते तो हैं पर सुकून से सो नहीं पाते ।

कितनी हैरानी की बात है ना ! कि कोई भी सुकून से नहीं है। जिसे मिल रहा है वो भी ,और जिसे ना मिले वो भी । आगे आप समझ ही जाएंगे ।😊😊🙏
पर सुखी वही है जो सुकून से सोता हैं ।😴🤗😃🙏
है ना???????

🌺🌺Dr. Sakshi pal 🙏🏵️🏵️

🌹मेरी प्यारी अम्मा👵

Mere bachpan ki hanskheliya,😀
Wo galiya jaha nanhe per ghumte the kbhi👣
Wo ghas jaha pero tale jameen bht acchi lgti thi🌿🌿
Nanahe pero se bahgti me 👣😊
Or meri amma👵
Dur se dekhti or niharti 😍
Meri har ek bachkani wo athkheliya
Muskurati or khti chlo ghr sham ho gyi
Seene se lga k apne rakh leti thi😍
Usse jyasa mehfuz kya tha 😍
Thapthapa k lori gati or unki anchal me padi wo nindadiyan 😴
Mere bachpan ki wo pyari hanskheliyan😁
Hath pakad k le jati har jgh seene se lgaye apne
Ek muskan meri amma ki sau👵 muskano k saman 😘😘
Amma meri bht pyari sabse nyari😍 meri amma mera jahan 🤗🤗
Ab to yad ati h unki meri har ek khaniya😔
Anchal abhi bhi h sar pe mere rahega umar bhar 😇
Kaise bhulungi amma tumhari wo pyar bhari thapkiyan 😍
Mere bachpan ki athkheliya🤗
Mere bachpan ki hanskheliyan😁

(मां उसकी जगह कोई नहीं ले सकता। कहते हैं दुनिया में अनमोल चीज पैसा, सफलता है पर उससे भी कहीं ज्यादा अनमोल मां का वो आंचल है जिसमें वो अपना सारा प्यार लुटा देती है हम पर।ये कविता मेरे बचपन की एक झलक को दर्शाती है जब में नन्हे पैरो से भागती और अम्मा के साथ खेलती, बहुत सी यादें हैं जिन्हें अपने सीने से लगाए मैं उनको याद करती हूं। जीवन के नियम से हम झुक जाते हैं पर उनकी यादें हमेशा साथ रहती हैं । 😔

आंखे नम हैं आज मेरी तुम जो नहीं हो काश कहीं से आती और सीने से लगा लेती । ये कमी पूरी नही हो पाएगी जीवन भर।

आज भी वही खिलखिलाती हुई खड़ी हूं मै बस फर्क इतना है आज तुम सामने नहीं हो दिल में हो मेरे और भी करीब ।☺️🤗🏵️🏵️🌸🌸🌼🌼

Respect your parents and love them as much as u can because you never know how much they love you ..but one day you realize their love when you become a parent and grand parent..🙏 💐

🏵️Dr. Sakshi pal🙏🏵️

🌹मेरी प्यारी अम्मा👵

Mere bachpan ki hanskheliya,😀
Wo galiya jaha nanhe per ghumte the kbhi👣
Wo ghas jaha pero tale jameen bht acchi lgti thi🌿🌿
Nanahe pero se bahgti me 👣😊
Or meri amma👵
Dur se dekhti or niharti 😍
Meri har ek bachkani wo athkheliya
Muskurati or khti chlo ghr sham ho gyi
Seene se lga k apne rakh leti thi😍
Usse jyasa mehfuz kya tha 😍
Thapthapa k lori gati or unki anchal me padi wo nindadiyan 😴
Mere bachpan ki wo pyari hanskheliyan😁
Hath pakad k le jati har jgh seene se lgaye apne
Ek muskan meri amma ki sau👵 muskano k saman 😘😘
Amma meri bht pyari sabse nyari😍 meri amma mera jahan 🤗🤗
Ab to yad ati h unki meri har ek khaniya😔
Anchal abhi bhi h sar pe mere rahega umar bhar 😇
Kaise bhulungi amma tumhari wo pyar bhari thapkiyan 😍
Mere bachpan ki athkheliya🤗
Mere bachpan ki hanskheliyan😁

(मां उसकी जगह कोई नहीं ले सकता। कहते हैं दुनिया में अनमोल चीज पैसा, सफलता है पर उससे भी कहीं ज्यादा अनमोल मां का वो आंचल है जिसमें वो अपना सारा प्यार लुटा देती है हम पर।ये कविता मेरे बचपन की एक झलक को दर्शाती है जब में नन्हे पैरो से भागती और अम्मा के साथ खेलती, बहुत सी यादें हैं जिन्हें अपने सीने से लगाए मैं उनको याद करती हूं। जीवन के नियम से हम झुक जाते हैं पर उनकी यादें हमेशा साथ रहती हैं । 😔

आंखे नम हैं आज मेरी तुम जो नहीं हो काश कहीं से आती और सीने से लगा लेती । ये कमी पूरी नही हो पाएगी जीवन भर।

आज भी वही खिलखिलाती हुई खड़ी हूं मै बस फर्क इतना है आज तुम सामने नहीं हो दिल में हो मेरे और भी करीब ।☺️🤗🏵️🏵️🌸🌸🌼🌼

Respect your parents and love them as much as u can because you never know how much they love you ..but one day you realize their love when you become a parent and grand parent..🙏 💐

🏵️Dr. Sakshi pal🙏🏵️

💐सुन्दरता 💐

जीवन का अस्तित्व हमसे है हमारे सौंदर्य से नहीं । अपनी आत्मा और मनोभाव द्वारा ही व्यक्ति पूरे जग को जीत सकता है । वहीं सच्ची सुंदरता है । प्रभु के द्वारा बनाया हुआ अपने आप में सम्पूर्ण है , और सुंदर है और वो कुछ भी बेवजह नहीं करते प्रकृति के लिए और प्रभु के लिए सभी जीव समान हैं।

अपने व्यक्तित्व की सुंदरता को निखारे बाहरी सुंदरता अपने आप आ जाएगी ।

💐नववर्ष की हार्दिक शुभकमनाएं 🙏

साक्षी पाल 💐💐🌼🌸☺️

Tere Mere jazbat anjane

Dil ki gehraiyo se kuch Shabd likhne
chahe✍️📖
Tujhe na chah k bhi kuch bol batane chahe 🎙️
Ye jajbat Hain Tere or mere anjane❓
Jinhe na me rok saki or na tu rokna chahe🥀❤️
Aj fir Dil ki gehraiyo see kuch Shabd likhne chahe ✍️
Lo aj fir se mene apne Dil k panne❤️Tere nam see likhne chahe📖✍️

( कुछ एहसास और कुछ बाते सिर्फ कहीं नहीं जाती बस बयां हो जाती हैं, एक पल में सब जी लेने जैसी सी ये उलझने ना जाने कब सुलझे ?

ये जज्बाती दुनिया और ये कायदे कानून ना जाने कब तक हमें रोके और शायद हम इन जज्बातों को लेकर ही दफन हो जाए । रिश्तों की एक खूबसूरत सी me कविता ।)

Dr. Sakshi pal🙏🥀🍀

Sakshi

Me wo ni jo tum samjhte ho
Khusbuo se lipti hui koi hwa ni
Jo au or akar gujar jau
Par kya hu me
Koi gajal geet ya koi fasana
Khair fasane to fasane hote hain hakikat nahi
Me hakikat hu
Jo har pal ko kreeb se dekhti h or uski sakshi banti hai
Khamoshio se sab dekhti hui sirf dekhti hui
Kuch alfaz nahi h iske ab
Sab samjhne or dekhne k bad
Sirf yahi khti h khamoshiyan meri
Me wo hu jo har pal ki sakshi bnti h
Jindagi me rang lane wali sakshi
To,
Me wo nahi jo tum smjhte ho

( जीवन का साक्षात्कार हम खुद हैं। अपने जीवन का आधार हम खुद हैं। अच्छे श्रोता और अच्छे दर्शक बनना आसान नहीं पर असंभव कुछ भी नहीं । जीवन की गहराइयों में सिर्फ अंत तक जहां हम जाएंगे और हैं , वहां हमारे द्वारा ली गई और दी गई शिक्षा और उससे बना व्यक्तित्व ही हमारा आधार होता है ।🙏)

Dr. sakshi pal

Wo jahan🥀

Wo jahan jaha tum or me kbhi sath the
Wo jahan jaha tumhare hatho me mere hath the🤝
Kho gye Hain kahi
Wo raste jaha ham dono ki ankho me ek dusre k intzar the😍
Wo ab
Kho gye gye Hain kahi❓

Ha Mana mene ab sath nahi Hain hm
Dur reh k bhi hmare Dil bekarar Hain❤️
Hm Gum ho gye Hain kahi
Bhula nahi me tumhara ana or Yoon muskurana😊
Ake Meri ankho mein jhankna
Wo ab
Kho gya hai kahi❓

Ab Jo khoye Hain ham to Yoon
Adhura hai sab apna
Adhura hai ab har sapna
Wo Sapne Jo the
Wo ab
Kho gye hain kahi

Khuda gwah hai or rahega
Khalish Dil ki abhi jinda Hain
Yoon na bichdenge ham
Raho pr na chootenge ham 🤝
Yakeen hai mjhe
Wo ab
Dar kho gya hai kahi😊

Wo jahan jaha tum or me kbhi sath the
Wo jahan jaha hatho me mere tumhare hath the 🤝
Kho gye Hain kahi

Sakshi’s poetry🙏

Anjaane se

Kon ho tum

Koi khali kitab jise apne lafzo se likh du mein📖
Ya koi sur jise apne geeto me piro du me🎶🎻
Kon ho tum
Ajane se begane se
Anjane ho ke bhi to
Km nahi tum kisi afsane se🎤
Kabhi lgte hain mjhe to ye jhunte fasane se
Khair jhunt ho ya sach
Sawal hain mere khud se
Kon ho tum ❓
Jo lgte ho mjhe
Apne se to kbhi anjane se
Kon ho tum
Har pal sath ho
Himmat si ho Meri tum🤝
Koi rishta nahi tumse Mera
Par kuch to hai
Jo bandhe rakhta hai hmein🤝
Fir Dil ka swal h mjhse or tumse ❤️
Kon ho tum
Koi khali kitab jise apne lafzo se likh du mein📖
Ya koi sur jise apne geeto mein piro loon mein🎻🎶
Kon ho tum

Kbhi to jahir kro🍀

Sakshi pal😊

अदला-बदली…..!!!!!

चलो आज धर्म बदल लेते हैं,
हम रमजान और होली मिलकर मना लेते हैं,
दीवाली पर वो दिए और हम ईद की खुशियां मना लेते हैं,
चलो आज धर्म बदल लेते हैं,
मिलकल भाईचारा और एक ही समाज बना लेते हैं,
चलो इस जहां में सबको मिलजुल कर रहना सीखा देते हैं,
चलो ना !
सभी धर्मो को एक बना लेते हैं,
चलो आज धर्म बदल लेते हैं,
हम रमजान और होली मिलकर मना लेते हैं।
©Dr. Sakshi Pal